खाक
इस #दर्द-ए-#दिल की #शिकायत रही वो मुलाक़ात को मुकर्रर तो करे क्यों #ख़ाक मे अरमानो को मिटाना चाहते हैं फ़क़त एक जिद्द ही तो है दीदार की... #शिकायत भी हुई लेकिन #सिफ़र ही हुआ #कयामत तक इंतजार का #दर्द बन गया..!! #बज़्म #वीणा #सरस #पहचान #नारीशक्ति #शब्द_शाला #परख #शबनम 🌸✍ https://t.co/sXWWtH018N