गिरफ्त

#गिरफ़्त है #काली #लट में ये शिकयत है
हम उलझे गए हसीं सवाल पर 
वादे-इज़हार में #गिरफ़्त दोनों
सिमटते-बिखरते ख़्वाबों मे 
यादों के #गिरफ़्त से निकलते भी नही 
ज़ज्बात ए-इश्क को महफूज किए
एहसास-ए-यादो के #गिरफ़्त मे 
चाहत-ए-एहसास मुक्कमल होजाए !!
#बज़्म #सरस #परख #शब्द_शाला 
#शबनम🌸 ✍

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