Posts

Showing posts from December, 2020

पहरा

🌿🌿🌿🌻🌻🌻🌿🌿🌿     🍁जमाने के #पहरे होकर भी    हमने #नज़र चुराकर अपने दामन           उनकी  हर ख़्वाहिश से भर लिए    जो  हमारी  #सुरक्षा की जमानत हो गई...🌿🌻🌹  शबनम  ✍

बगावत

🌾🍁🍁🍁 बगावत करने लगी है मुझसे       मेरी  तन्हाईयाॅ  ..... उनकी  यादों से भी  हो गई     थोडी  सी  लड़ाईयाॅ  ..... अब कैसे कहें उनमें फ़ना है       हमारी  परछाईयां ....🌿🌻🌹 #शबनम 

डगर

🌼🌼🌻🌻🌿🌿🌼🌼🌻🌻 एक थी  #डगर और एक ही सफर थे  फिर क्यो  #डगर बदल गई .....समझ न सके  जमाना  तो  खाई बनाई  और  उनकी  शिकायत   दोनो ने  खाई  बढाई...... ये ख्वाहिश ही  रही #जिस_डगर_पर_तु_मिले    #बज़्म  #परख_मंच   #शबनम https://t.co/gBNhUnMqJ9

एहसास

🍁ये एहसास रहने दें..... तुम_पास_हो क्योंकि  उनका पास होना  एक ख़्वाब है  मुक्कमल कब हुआ है इश्क  इसमे क्यों कर उलझे ,अच्छी याद  बरकरार रहे........ #तुम_पास_हो इस एहसास मे जीने दो  शबनम 

रूह

🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿  वो रूह की तसकीन है जानते हैं हम  उनकी दीदार की ख़ातिर मुंतजिर थी निगाहें           और  उनका एक    न आने का पैग़ाम,हमारी रूह! ले गयी......!!           शबनम  ✍💐🍁🍁🍁

तस्वीर

🍃🍃💦💦💦💦🍃🍃🍃🍃💦💦 तस्वीर उन लम्हों को छु गयी           वक्त भी ठहर कर सोचने लगा               वो ऐसे आए जैसे कोई दुआ ....🤲                  तस्वीर तो निगाहों का एक सकूं है             पास है तो याद,नहीं तो फ़रियाद हैं  .......!!           शबनम  ✍💐🍁🍁

मोहब्बत

🌿🌿🌿🌿🌿🌿🍁🍁🍁🍁🍁🌿🌿🌿🌿     पता नहीं लोग मोहब्बत को क्या नाम देते हैं     हम तो उनके नाम को ही मोहब्बत कहते हैं  .....🌹                ------'  शबनम ✍

सच

🌿🌿🌿🌿🌿🍁🍁🍁🍁🍁🌿🌿🌿 समस्या ये नहीं कि सच बोलने वाले कम हो रहे हैं   असली मसला ये है कि अपनी मर्ज़ी का   सच सुनने वालों की तादाद बढ रहीं हैं .....! ----------- शबनम