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Showing posts from October, 2021

हसरत-ए-दीदार

हर ज़ज्बातो का वज़ह मुमकिन तो नही  लेकिन #बेवजह उनका चाहत जताना  फुर्सत को मसरूफ दिखाना  हमारी चाहत #पहेली ना हो जाए । #नाहक शिकवा-गीला करें ....बस  इक़रार मे चाहत को मुक्कमल करलें  #पहेली को सुलझाकर हसरतो से  महफूज कर ले.. #बज़्म #वीणा #सरस #परख #नारीशक्ति  #शब्द_शाला #शबनम 🌸✍ https://t.co/rJDrNnamB8
थोडी परवाह पर ज़िन्दगी पूरीआबाद लगती है   धड़कन और सांसो की #डोर बंधी है   जब से निगाहे फेरी दिल का #आईना  साफ हुआ, एहसास बिख़र गए ज़ज्बातो के पहलु मे  दर्द भरी निगाहे सिर्फ मेरे ही क्यो  #आईने ने पूछा तेरे पास भी नकाब क्यो नही..🌿 #बज़्म #वीणा #सरस #परख_मंच #शब्द_शाला #शबनम🌸✍ https://t.co/WUASb7KTYj
🌸कितनी  #तन्हाई बताई जाए  सब आइने के  सामने #तन्हा और  खाली है  उनकी  यादो  की #बयार  में महसूस करते हैं और इस यादो को  महफूज रखते है   अब शायद  यही  #कर्म  हो गया #तन्हाई का !!🌸🙏🍃🌻🌿 #बज़्म #नारीशक्ति #वीणा #सरस #परख  #शब्द_शाला  #शबनम 🌸✍ https://t.co/KrcRBlpJYD

उम्मीद

🌸#उम्मीदें का क्या है कब #धुंआ_धुंआ हो जाए क्यों ज़ज्बातो मे कैद रहे तकदीर का सहारा है #विरह हो तो ख़्वाहिशो का गलीचा है ... #उम्मीद इतनी की ख़्वाबो मे आना उनका #धुंआ_धुंआ नही हकीकत लगे कभी दूर हों तो #जुदाई ना लगे...!!🌿 #बज़्म #सरस #परख #शब्द_शाला #नारीशक्ति #शबनम 🌸✍