हसरत-ए-दीदार
हर ज़ज्बातो का वज़ह मुमकिन तो नही लेकिन #बेवजह उनका चाहत जताना फुर्सत को मसरूफ दिखाना हमारी चाहत #पहेली ना हो जाए । #नाहक शिकवा-गीला करें ....बस इक़रार मे चाहत को मुक्कमल करलें #पहेली को सुलझाकर हसरतो से महफूज कर ले.. #बज़्म #वीणा #सरस #परख #नारीशक्ति #शब्द_शाला #शबनम 🌸✍ https://t.co/rJDrNnamB8