सहेजना
#सहेज कर हर #रिश्ता रखेगें
#तुम_चले_आना यकीन हो जाए
तदबीर-ए- ख़्वाहिश मुक्कमल हो जाए
चाहत #रिश्ते को खुबसूरत बनाती है
#तुम_चले_आना जिन्दगी खुशगवार हो जाए
#रिश्ता रूहानी-ए-चाहत निभाते है
#सहेज उनकी तोहमत को बस
मोहब्बत का एक इकरार हो जाए
#बज़्म #वीणा #सरस #पहचान #परख
#शबनम ✍ https://t.co/dH0sDBcmIs
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