सोहबत
कभी #मन को ख़बर ना थी बहार की
#सोहबत से ज़िन्दगी खुशगवार हो गई
बेनूर सी ज़िन्दगी को #सोहबत का रंग चढ़ा
क्यो न इस #सोहबत पर ज़िन्दगी निसार हो
बुझती हुई उम्मीद को #संग उनका जो मिला
बरसती आँखो को भी सुकून हो गया !
#बज़्म #वीणा #सरस #नारीशक्ति #परख
#पहचान #शब्द_शाला
#शबनम 🌸✍ https://t.co/AVqZmy25UD
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