इम्तिहान
#एकतरफा नही चाहत
वक्त के #इम्तिहान दर बदर किया...
चाहत-ए-एहसास ज़ेर-ए-असर न हुए
चाहत-ए-हक़ ढ़ूढ़ते है...वो बेख़बर हैं
हमारे राब्ता को #दर_किनार किया
हम ख्वाब ए-मोहब्बत सजाते रहें
जद्दोजहद ज़िन्दगी के #किनारे खड़े रहें !
#बज़्म #सरस #पहचान #परख #शब्द_शाला
#नारीशक्ति #शबनम🌸✍
Comments
Post a Comment