धड़कन
#धड़कन की ख़्वाहिश है जिद्द भी है
#छुप_छुप कर चाहत के #मर्म ना समझा
ना किसी बात पर #रौशनी करते,न
कभी धड़कन के #राज समझा
#भेद इतना हम पत्थर न बने,लेकिन
वो शीशे की आरजू बन गए...फिर भी
दिल को #बड़े_अच्छे_लगते_हैं
#बज़्म #वीणा #सरस #पहचान #नारीशक्ति
#परख #शब्द_शाला
#शबनम 🌸✍ https://t.co/Hrh7N6RsRT
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