#प्रित #मुग्ध है उनकी चाहत मे
सब्र ए-मोहब्बत का एहसास देखिए
न उदास रहे न बेवज़ह #मुलाक़ात चाहा
ख़्वाहिश है कभी ख़ैरियत लेते
आलम गौरो मे मसरूफ़ियत इस कदर
वक्त-ए-#मुलाक़ात की फुर्सत नही
तकदीर_ए-मोहब्बत मे #प्रित है या नही !
#बज़्म #सरस #नारीशक्ति #शब्द_शाला
#उड़ान
#शबनम 🌸✍ https://t.co/vY7h0HApWX
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