#उदासियो से बसर ज़िन्दगी थी
कभी-कभार ख़ैरियत पूछ लेना
#ये_सिलसिले किस्तो मे जिये जा रहे थे
#ख़ामोशियां का दायरा बढाने लगे
काश #ये_सिलसिले ख़त्म हो जाए
दीदार ए-मोहब्बत का एहसास हो जाए
चाहत का #ये_सिलसिले कायम हो जाए
#बज़्म #सरस #नारीशक्ति #कातिब_ए_बज़्म
#शब्द_शाला #शबनम🌸✍ https://t.co/tT36zvcSNP
Comments
Post a Comment