जख्म

हर दिये जख़्म को इनाम समझा 
अपने दर्द किसी से भी नहीं कहते
उठाए फिरते हैं ख़ुद अपने ग़म का बोझ
जब भी किताबो मे रखे फूल देखते 
बेनूर सी ज़िन्दगी मे हसीं बीते लम्हे सामने आना 
यादे ज़िन्दगी को रौशन ए-मोहब्बत करती है🌿#बज़्म #सरस #उडान #नारीशक्ति #शब्द_शाला #कातिब_ए_बज़्म 
#शबनम🌸✍ https://t.co/gp6Cb8WQ80

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