बस तुम

#बस_तुम_से ही शिकायत तुम से ही चाहत 
#भटकते दिल-ए-करार है वो 
#इंतजार के इंतखाब #बस_तुम_से 
कभी धड़कन की आहट भी सुनते 
सुकून-ए-दिल को करार मिलता 
महफ़िल भी रौशन #बस_तुम_से ही है शिद्दत-ए-चाहत को महफूज है रखना 
इंतखाब को अब #इंतजार करने न देगे
उम्मीदे हमारी #बस_तुम_से है 
#शबनम🌸 https://t.co/MJKosCFS6W

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