#जिंदगी_फ़िर_उसी_मोड़_पर आ गई
तकब्बुर था कभी #रौशन_ऐ वफा चाहत पर
दिल गमज़दा ही रहा फरेबी रवायत पर
उन लम्हात को महसूस किया है कैसे
गुलशन की तबाही पर पतझड़ को बदुआ देते है
ऐ #चाँद तु भी तन्हा हम भी तन्हा
#बज़्म #सरस #नारीशक्ति #कातिब_ए_बज़्म
#शब्द_शाला
#शबनम 🌸✍
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