सिलसिला

🌸ये कैसा #सिलसिला हो गया आजकल 
#बंदिश होने लगी है #उम्मीदो पर ...
वो अपनी वफा-ए-चाहत की ख़ैरियत पे 
हमारे #भरोसे को भी तौलते हैं...
#परवाह इतनी कि ख्वाब मे भी 
ना रूठने की जगह ना कोई वजह छोड़ते हैं !!🌿

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