फिक्र

🌸इतनी #फिक्रमंद हो ज़ज्बातो मे कैद हुए 
बेइंतिहा #फिक़्र मे कमजोर दिल टूट गए 
याद के महफ़िल-ए-तन्हाई मे अश्क बहा रहें
इस #फिक्र मे सितारे भी अश्क बहा रहें
अब #मजबूरियों का #शिकायते क्या करे
प्रेम #डोर से बंधे है जन्मों के #बंधन है !!
#बज़्म #वीणा #सरस #परख #शब्द_शाला
#शबनम 🌸✍ https://t.co/fjqmhriTEZ

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