गहराई

🌸वो निगाहो को कसूरवार कहते है ..इसलिए 
हम निगाहे झुकाएं रहते है सुकून की 
#गहराई समेटे हुए !
कही ऑखो के समंदर मे डूब  कर 
दर्द की #गहराई ना नाप लें ۔۔۔!
जख्म फिर हरे हो जाएगे...दर्द-ए-दिल की #गहराई मे उतर गए अगर !!
#बज़्म #अक्षरमाला #नारीशक्ति #परख_मंच 
#शब्द_शाला #सरस 
#शबनम 🌸 https://t.co/3rglwdWCQi

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