वफा

🌸इतनी मसरूफ़ियत कि कुछ कहते नहीं 
एक लम्हा वो #वफ़ा के देते नहीं 
लब मुसकुराते हैं शिकायतो के #बरसात में
#इन्तज़ार मे #वफा निभाते हैं
जरूरी नहीं उल्फत मे #वफ़ा जफ़ा बराबर हो 
सलामत रहे बस यही दुआ रखते है..🌹
#बज़्म #अक्षरमाला #नारीशक्ति #परख_मंच #शब्द_शाला #सरस #वीणा 
#शबनम 🌸✍ https://t.co/r5YkSUAPQG

Comments

Popular posts from this blog

शिद्दत

इंतेहा

संवेदना