झूमका

🌸कभी धड़कन बढ गई कभी उदास हो गई  
आने का पैग़ाम जो मिला हम संवरने लगे 
#झूमके काजल बिंदिया से  संवर तो गए 
#कंगन वो पहनाएंगे #कलाई सूनी छोड दिया 
अब ना आए तो #मोहलत ना दे जिन्दगी
हर आहट को #तलाशती मुन्तजिर निगाहें !
#बज़्म #अक्षरमाला #वीण #परख_मंच 
 #सरस_काव्य_समूह 
#शबनम 🌸✍ https://t.co/4t7N0J9Q2a

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