माहताब
🌿🌸उन्हे मालूम है हम तन्हा ना रहें
#सुकून-ए-गुफ्तगू के लिए #माहताब छोड गए तसव्वुर मे साथ थे ये क्या कम है...! 🌸
रखा था नाम कभी #माहताब उनका
दुआ है कब #माहताब मिल जाए
हमे सिर्फ हमारा ख़्वाब मिल जाए ...!🌸
#बज़्म #अक्षरमाला #नारिशक्ति #
#शब्द_शाला #सरस
#शबनम 🌸✍ https://t.co/QMZngvMiXq
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