अर्पण

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प्रेम हमारा पवित्र था तुमसे  
सब था तुम पर #अर्पण 
झूठ मे विचरने से क्या सच सबको पता 
उनकी इज्जत अपना धर्म 
कर दिया सर्वस्व #समर्पण
द्रवित हृदय छल न सकेगा 
उनको पाने की उम्मीद ने 
सब भूला गए छल को ...!
#बज़्म #अक्षरमाला #नारीशक्ति #परख_मंच 
#शब्द_शाला #सरस 
#शबनम 🌸✍ https://t.co/HiMyr4b645

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