इश्क इबादत

जीने  की ख्वाहिश करूं या मरने की आरजू
दर्द-ए-दिल ज़िन्दगी के दरिया मे  बहता  है 
अब तमाम  उम्र कट जाएगी हिज्र  शाम  में
बस रूह से रूह के एहसास-ए-इश्क रहने दो
#बज़्म #अक्षरमाला #नारी_शक्ति #परख_मंच
#शब्द_शाला #सरस
#शबनम 🌸✍

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