चाहत

अंधेरे के लिए एक चराग़ काफी है  
उल्फत के लिए उनकी #चाहत ही काफ़ी है 
#चाहत दिल मे बेतकल्लुफ शोर मचाती रही
जुबां मुकरती रही निगाहें बयां करती रही💝 #आवारा मन दिल की सुने या निग़ाहो की माने ..!🌹
#बज़्म #अक्षारमाला #नारीशक्ति #परख_मंच 
#शब्द_शाल #सरस 
#शबनम 🌸✍ https://t.co/BxvEIUQVFk

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