इन्तज़ार

गुजरे  वक़्त की  ख़ामोशी  समझिए 
एक परवाह ही #इन्तज़ार को  कम बताता है
वो  हाल-ए-दिल समझते है  लेकिन 
नामुराद #इंतजार वक़्त को दुश्वार करता है
चाहत की  कशिश ही  तो  है 
#इन्तज़ार राज़-ए-इश्क हो  गया.....🌸❤

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