नारी
कभी अश्क ही पहचान रही
गम मे जीने को वजह कहा
झूठी मान को इज़्ज़त बनाई
हर ख़्वाहिश मे जमाने की पाबंदी लगी
सोने के पिंजरे मे रख कर ....
सोने की चिड़िया बोला
नई सदी आहट मे ये सब हो गई बीती बातें
वर्तमान सदी में नारी की #एक_पहचान_नयी
हुई ....!
#नारीशक्ति
#शबनम
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